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आखिर सुकन्या की चीखे किसी को भी क्यों नही सुनाई देती ????


ओये पेज के बारूद के एक एक गंधक ,पोटाश ,सुतली ,,कील को अमित तेवतिया '' निःशब्द '' की तरफ से वन्देमातरम

कल से सोच रहा था कि राहुल के गुजरात में होने वाले गर्भपात का दर्द बयान करूँगा मगर ये जर्सी बछड़ा जितना यू.पी में मिमिया रहा था ,,यहाँ तो अ

पनी दिशा और दशा दोनों ही भूल गया ...कह रहा हैं गुजरात में आम आदमी की नही सुनी जाती ..अबे साले तू चुनाव के वक्त गुजरात के भोले भाले सीधे सच्चे लोगो के हलक में एम्पलीफायर लगाने आया हैं ??? साले सुकन्या की चीखे कब सुनी गयी जरा ये भी बता ?

साथियों ये राहुल गाँधी वोही मादर जात हैं जिसने ०३ दिसम्बर २००६ को अमेठी में प्रचार के दौरान अपने सात साथियों के साथ ,,जिसमे ४ विदेशी थे ,जिसमे २ ब्रिटेन के और दो इटली के थे ,के साथ मिलकर हाई सिक्योरिटी जोन के वी.आई.पी गेस्टहाउस में दारु पीकर कांग्रेसी कार्यकर्ता बलराम सिंह की २४ वर्षीय पुत्री कुमारी सुकन्या देवी के साथ बलात्कार किया ...पहले उसे शाम को मिलने का समय दिया गया ,,और जब वह आई ,,तो उसे राहुल गाँधी ने शराब ऑफर की ..सुकन्या देवी ने मना किया और जब वह जाने लगी तो उसे जबरन खीच कर शराब पिलाई गयी और उसके बाद एक एक ने मिलकर बारी बारी से बलात्कार किया,,वों चिल्लाती रही मगर किसी ने भी उसकी चीखे नही सुनी और यह हरामजादा कहता हैं कि गुजरात में आम आदमी की नही सुनी जाती .......

बलात्कार के बाद सुकन्या देवी के हाथ में ५०००० /- रूपये थमाकर ,,उसे किसी के भी सामने मुँह ना खोलने के लिए धमकाकर वहाँ से भगा दिया गया ..उसने यह बात अपनी माँ श्री मती सुमित्रा देवी को बताई..सुमित्रा देवी जब सुकन्या देवी को लेकर पुलिस हेड क्वाटर गयी तो वहाँ उसकी शिकायत दर्ज नही की गयी ..इस दौरान सुमित्रा देवी ने कई बार प्रेसिडेंट और मुख्य न्यायाधीश से मिलने की कोशिश की मगर किसी ने भी उनसे मिलना तक गवारा नही समझा ..तब सुमित्रा देवी २७ दिसम्बर २००६ को दिल्ली में जाकर सोनिया गाँधी से जाकर मिली तो सोनिया गाँधी ने उसे धमकाया और हमेशा के लिए खामोश रहने को कहा ..सुमित्रा देवी ने हार ना मानते हुए मानवाधिकार आयोग की चौखट पर भी गुहार लगाई मगर सब बेनतीजा ...उसके कुछ दिनों के बाद ही माँ और बेटी रहस्यमय तरीके से लापता हो गयी ( उनकी हत्या से भी इनकार नही किया जा सकता )....

०४ जनवरी २००७ के बाद से सुकन्या देवी के पिता बलराम सिंह भी रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए जिनका आज तक कुछ पता नही चल पाया ...जो इस मूक घटना के आखिरी गवाह थे..आज ये हराम का पिल्ला आम आदमी की आवाज को दबी हुयी बताता हैं??? मेरा इस पोस्ट को पढ़ने वाले हर एक क्रांतिकारी से अनुरोध हैं कि यह पोस्ट गुजरात के एक एक वोटर तक पहुचनी चाहिए ... आज इस पोस्ट को नही बल्कि एक सच को ,,एक मासूम को इस पोस्ट की शेयर की जरूरत हैं,,जिससे पापियों का सर्वनाश करने में मदद मिल सके ...अब इन इटली के चुतियो की दिशा भी बदलनी हैं और दशा भी ........

तो मेरे साथियों ..आज दिखा दो अपने गर्म खून को और दिखा दो अपनी भारतीय संस्कृति को ,,सुकन्या देवी को इन्साफ मिलकर रहेगा ,,,जिस राहुल गाँधी ने धोखे से अपने विदेशी मित्रों के साथ एक मासूम की नही ,,बल्कि हिंदुस्तान की बेटी की अस्मत के साथ खिलवाड़ किया हैं,,उसी तरह अब मोदी जी को आगे लाकर अब इन सभी नीच कांग्रेसियों का बलात्कार हमे करना हैं...आपका एक एक शेयर आज एक नए इतिहास की गाथा कहेगा और आपको यह एहसास होगा कि आज आपने वाकई में एक जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज निभाया हैं..एक सच्चे हिन्दुस्तानी होने का फर्ज निभाया हैं..आज कोई भी मेरी तरह '' निःशब्द '' ना रहना ..'' निःशब्द '' ना रहना ...''निःशब्द '' ना रहना ..

वन्देमातरम

अमित तेवतिया '' निःशब्द ''

Dec 11 2012

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